एक कामयाब राह को चुनना एक सफल मुसाफिर की पहचान बन जाती है।
'सवाल' क्या सिर्फ घर से निकलने से मंजिले मिलती हैं? क्या सिर्फ चंद किताबें पढ़ लेने से कामयाबी मिलती है? क्या सिर्फ मेहनत करने से सब कुछ हासिल होता है? क्या सिर्फ पैसे कमाने से सुकून मिलता है? ऊपर लिखे ये चार सवाल, जिनका अर्थ समझना जरूरी है। मेरे अनुसार पहले सवाल का जवाब कुछ इस तरह हैं, कई बार मंजिलों तक पहुंचने के लिए घर छोड़ना जरूरी नही होता, और हो सकता है की आपको घर हमेशा के लिए त्यागना भी पड़े, ये सब कुछ निर्भर करता है की आपकी मंजिल है क्या? दूर शहर में बड़ी नौकरी, या अपने शहर में एक 8 घंटे की नौकरी या मनचाहा व्यापार, व्यापार एक छोटी दुकान का भी हो सकता है। अब घर से निकलना या ना निकलना आपकी मंजिल नही तय कर सकता है। दूसरा सवाल सिर्फ किताबें पढ़ लेने से कामयाबी नहीं मिलती, कई बार हम किताबें पढ़ते तो हैं लेकिन सिर्फ मनोरंजन के लिए या फिर सब्जेक्ट में पास होने के लिए। अगर हमें किताबों से खुद के जीवन को निखारना है तो किताबों का सही चयन भी जरूरी है। किसी एक लेखक को ही पढ़ने से काम नहीं चलेगा, ...