मासूम बच्ची की हत्या
चलो एक और मोमबत्ती जलाएं!
एक और हैवानियत और दरिन्दगी से भरा मामला सामने आया है,, महज दस हज़ार रुपयों के लिए 3 साल की मासूम बच्ची जिसकी आँखें नोच डाली और हाथ, पैर सहित लगभग शरीर की सभी हड्डियां तोड़ डाली और इन हैवानो को फांसी दिलाने के लिए प्रदर्शन करना पड़ रहा है। इन जैसे दरिंदों का जनता के बीच फैसला करना चाहिए। इसके साथ ही इन्हें मौत भी आसान नही देनी चाहिए। आरोपियों को घर वालों के हवाले कर देना चाहिए। हमारे आपके लिए ये घटनाएं सिर्फ एक खबर बनकर रह जाती हैं, मगर जिस घर की वो बच्ची होगी उनपर क्या बीत रही होगी ये कोई महसूस नही कर सकता। ऐसे ही हर रोज़ एक बच्ची खबर बनकर रह जाती है।
“चाहे कहे वो बहन या कहे बेटी मत देेना उसकी गोद में अपनी बच्ची”
एक और हैवानियत और दरिन्दगी से भरा मामला सामने आया है,, महज दस हज़ार रुपयों के लिए 3 साल की मासूम बच्ची जिसकी आँखें नोच डाली और हाथ, पैर सहित लगभग शरीर की सभी हड्डियां तोड़ डाली और इन हैवानो को फांसी दिलाने के लिए प्रदर्शन करना पड़ रहा है। इन जैसे दरिंदों का जनता के बीच फैसला करना चाहिए। इसके साथ ही इन्हें मौत भी आसान नही देनी चाहिए। आरोपियों को घर वालों के हवाले कर देना चाहिए। हमारे आपके लिए ये घटनाएं सिर्फ एक खबर बनकर रह जाती हैं, मगर जिस घर की वो बच्ची होगी उनपर क्या बीत रही होगी ये कोई महसूस नही कर सकता। ऐसे ही हर रोज़ एक बच्ची खबर बनकर रह जाती है।
“चाहे कहे वो बहन या कहे बेटी मत देेना उसकी गोद में अपनी बच्ची”
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